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'एक राष्ट्र, एक चुनाव' संविधान संशोधन से संभव: सांसद
संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि अगर संविधान संशोधन 2028 तक मंजूर हो जाए तो 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ में करवाए जा सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकारों का समर्थन आवश्यक है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' योजना को अमली जामा पहनाने के लिए संविधान में संशोधन जरूरी है। यह बात संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष और राजस्थान से भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संसद 2028 तक संविधान संशोधन को मंजूरी दे दे तो इसी साल से 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का कार्यान्वयन शुरू हो सकता है।
संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 और संघीय क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक 2024 को संसद की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति के पास भेजा गया है। यह कदम विपक्ष की मांग के बाद उठाया गया ताकि इन विधेयकों की व्यापक जांच हो सके। समिति का नेतृत्व चौधरी कर रहे हैं। ये विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभा के चुनावों को एक साथ कराने का लक्ष्य रखते हैं।
चौधरी ने सोमवार को कहा कि यदि राज्य सरकारें 2029 में इस पहल के लिए अपनी सहमति व्यक्त करें तो यह योजना सफल हो सकती है। हालांकि, इसके लिए समिति की रिपोर्ट और संसद में विधेयकों को पारित कराना पहली शर्त है। राज्य सरकारों का सहयोग और संवैधानिक ढांचे में बदलाव इस महत्वपूर्ण पहल के लिए अनिवार्य माना जा रहा है।