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टाटा पावर को रूसी कोयला मामले में 490 मिलियन डॉलर की हार

सिंगापुर की अदालत ने टाटा पावर के खिलाफ 490 मिलियन डॉलर का मध्यस्थता पंचाट बरकरार रखा है। रूसी कोयला संपत्ति के लिए असफल संयुक्त बोली से जुड़े इस मामले में कंपनी की न्यायिक न्याय से संबंधित चुनौती भी खारिज कर दी गई है।

LSN India · 27 August 2026

टाटा पावर को रूसी कोयला मामले में 490 मिलियन डॉलर की हार

सिंगापुर की अदालत ने रूसी कोयला खनन परियोजना से संबंधित एक प्रमुख मध्यस्थता निर्णय में टाटा पावर की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने 490 मिलियन डॉलर के मौजूदा पंचाट को बरकरार रखा है, जिसका अर्थ है कि भारतीय ऊर्जा कंपनी को यह राशि का भुगतान करना होगा। टाटा पावर ने न्यायिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए पंचाट को चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया।

यह मामला एक विफल संयुक्त उद्यम बोली से संबंधित है जिसमें टाटा पावर एक रूसी कोयला संपत्ति हासिल करने का प्रयास कर रहा था। मध्यस्थता कार्यवाही के दौरान विवाद उत्पन्न हुए और अंतिम पंचाट भारतीय कंपनी के विरुद्ध गया। टाटा पावर ने पंचाट में प्रक्रियागत खामियों की ओर इशारा करते हुए अदालत में चुनौती दी थी।

सिंगापुर की अदालत का यह निर्णय अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक विवादों में मध्यस्थता पंचाटों की स्थिति को और मजबूत करता है। यह फैसला दर्शाता है कि अदालतें आम तौर पर पंचाटों में हस्तक्षेप करने के लिए काफी सख्त मानदंड लागू करती हैं। टाटा पावर के लिए यह निर्णय एक महत्वपूर्ण वित्तीय और कानूनी झटका है क्योंकि इसके सभी आंतरिक विकल्पों को समाप्त कर दिया गया है।