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टाटा बोर्डरूम विवाद पर सीतारमण का बयान, सार्वजनिक रूप से मुद्दा नहीं उठाएंगे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के आंतरिक विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे मामले सार्वजनिक रूप से नहीं होने चाहिए। सरकार की ओर से हस्तक्षेप या मध्यस्थता की कोई घोषणा नहीं की गई।
LSN India ·
टाटा समूह के बोर्डरूम संकट को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को एक सतर्क रुख अपनाया। सीतारमण ने कहा कि कंपनी के आंतरिक मामलों को सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया जाना चाहिए।
सीतारमण की टिप्पणी टाटा समूह के अंदरूनी विभाजन के बीच आई है। समूह के दो प्रमुख गुटों के बीच तनाव बढ़ गया है और यह मुद्दा हाल के दिनों में सार्वजनिक सुर्खियों में रहा है। हालांकि, मंत्री ने विवरण में जाने से परहेज किया।
वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या भारत सरकार इस विवाद में हस्तक्षेप करने या दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगी। उन्होंने केवल इतना कहा कि ऐसे निजी मामलों को कंपनी स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिए।
टाटा समूह भारत के सबसे बड़े औद्योगिक समूहों में से एक है और इसके आंतरिक संकट को लेकर विभिन्न हितधारकों की चिंता बढ़ी है। समूह के भविष्य की दिशा और नेतृत्व के मुद्दे इस विवाद के केंद्र में हैं।