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स्काइमेट की मानसून की भविष्यवाणी में कटौती, सूखे का 70% जोखिम
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काइमेट ने मानसून की वर्षा को दीर्घकालीन औसत का 85% आंकी है, जो भारतीय मौसम विभाग की भविष्यवाणी से काफी भिन्न है और देश के दोनों प्रमुख मानसून ट्रैकर्स के बीच खाई चौड़ी कर रहा है।
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स्काइमेट ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में मानसून की वर्षा को दीर्घकालीन औसत (एलपीए) का 85% होने का अनुमान लगाया है, जो सामान्य वर्षा से 15% कम है। इस भविष्यवाणी के साथ ही, निजी मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि भारत में सूखे का जोखिम 70% तक है।
यह पूर्वानुमान भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की भविष्यवाणी से महत्वपूर्ण रूप से अलग है। आईएमडी ने अपनी ओर से अभी तक कम से कम सामान्य वर्षा का संकेत दिया है, जो स्काइमेट की नकारात्मक दृष्टिकोण से भिन्न है।
देश के कृषि और आर्थिक क्षेत्र के लिए मानसून की वर्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस वर्ष मानसून की स्थिति को लेकर दोनों प्रमुख पूर्वानुमान एजेंसियों के बीच यह विसंगति किसानों और नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय है।
आने वाले सप्ताहों में अन्य मौसम विश्लेषण संस्थानों से भी पूर्वानुमान सामने आएंगे, जो वर्षा और मानसून की गति पर अधिक स्पष्टता ला सकते हैं। फिलहाल, स्काइमेट की चेतावनी के अनुसार, देश के कई हिस्सों में सूखे जैसी परिस्थितियों के लिए तैयारी की आवश्यकता प्रतीत हो रही है।