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छोटी कंपनियों के फंड में 10 लाख: कितना जोखिम है?
स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में मजबूत विकास का मौका देते हैं, लेकिन इनमें बड़ी और मध्यम कंपनियों के फंड की तुलना में अधिक अस्थिरता और गिरावट का खतरा होता है।
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स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले निवेशकों को अपने जोखिम सहन क्षमता का आकलन करना जरूरी है। ये फंड छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करते हैं जिनमें विकास की संभावना अधिक होती है, लेकिन यह संभावना अधिक अनिश्चितता के साथ आती है।
छोटी कंपनियों के शेयरों में कीमत में तेजी से उतार-चढ़ाव आम बात है। बाजार में किसी भी प्रकार की नकारात्मक खबर से इन फंड की कीमत में काफी गिरावट आ सकती है। इसके विपरीत, अच्छे समय में ये फंड बड़ी कंपनियों के फंड से कहीं अधिक रिटर्न दे सकते हैं।
यदि कोई निवेशक स्मॉल-कैप फंड में 10 लाख रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है, तो उसे यह समझना चाहिए कि अगले कुछ वर्षों में पोर्टफोलियो की कीमत में 30-40 प्रतिशत तक की गिरावट की संभावना हो सकती है। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी कुल निवेश राशि का केवल एक छोटा हिस्सा ही स्मॉल-कैप फंड में लगाएं।
विशेषज्ञ सुझाते हैं कि स्मॉल-कैप फंड में निवेश केवल उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जिनके पास कम से कम 5-7 साल का निवेश क्षितिज है और जो बाजार की उतार-चढ़ाव को सहन कर सकते हैं। दीर्घकालीन निवेशकों के लिए ये फंड संपत्ति बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम साबित हो सकते हैं।