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छोटे खुदरा विक्रेताओं को यूपीआई शुल्क से बचने के विकल्प

उद्योग संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि छोटे खुदरा विक्रेता 0.4 प्रतिशत यूपीआई एमडीआर से बचने के लिए बैंक ट्रांसफर, लेनदेन विभाजन या ग्राहकों पर लागत डालने का रुख कर सकते हैं।

LSN India · 18 September 2026

छोटे खुदरा विक्रेताओं को यूपीआई शुल्क से बचने के विकल्प

भारतीय खुदरा क्षेत्र में डिजिटल भुगतान शुल्क को लेकर नई चिंता सामने आई है। यूपीआई पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने से छोटे दुकानदार और व्यापारी विभिन्न विकल्प अपना सकते हैं। व्यापार संगठनों का अनुमान है कि कई खुदरा विक्रेता इस नए शुल्क से बचने के लिए वैकल्पिक भुगतान माध्यमों की ओर रुख करेंगे।

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे खुदरा दुकानदारों के पास कई रणनीतियां हो सकती हैं। वे ग्राहकों को सीधे बैंक ट्रांसफर के माध्यम से भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, या बड़े लेनदेन को छोटे हिस्सों में विभाजित कर सकते हैं। कुछ व्यापारी अतिरिक्त शुल्क सीधे ग्राहकों पर डालना भी पसंद कर सकते हैं।

यह कदम डिजिटल भुगतान अपनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है। एमडीआर का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना था, लेकिन छोटे व्यापारियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च साबित हो रहा है। व्यापार निकायों का कहना है कि इस नीति से असंगठित क्षेत्र में नकद लेनदेन फिर से बढ़ सकते हैं।

आने वाले समय में डिजिटल भुगतान की रणनीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता हो सकती है। सरकार और भुगतान नेटवर्क को छोटे व्यापारियों की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस नीति की समीक्षा करनी चाहिए।