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स्मार्टफोन डिस्प्ले: 60Hz, 90Hz और 120Hz में क्या अंतर है
स्मार्टफोन डिस्प्ले की रिफ्रेश रेट जितनी अधिक होगी, स्क्रीन पर गति उतनी ही सुचारू दिखेगी। 60Hz, 90Hz और 120Hz डिस्प्ले में प्रत्येक का अपना फायदा और सीमा है।
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रिफ्रेश रेट किसी भी स्मार्टफोन डिस्प्ले की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। यह निर्धारित करता है कि स्क्रीन एक सेकंड में अपनी छवि को कितनी बार अपडेट करती है। 60Hz, 90Hz और 120Hz की रिफ्रेश रेट में प्रतिक्रिया क्रमशः तेज और सुचारू होती है।
60Hz रिफ्रेश रेट सामान्य स्मार्टफोन का मानक रहा है। इस गति पर स्क्रीन प्रति सेकंड 60 बार अपडेट होती है। हालांकि, तेजी से स्क्रॉलिंग या गेमिंग के दौरान इसमें स्पष्ट कमी महसूस की जा सकती है। 90Hz और 120Hz डिस्प्ले में ये समस्या कम होती है।
90Hz डिस्प्ले 60Hz की तुलना में अधिक सुचारू अनुभव प्रदान करते हैं। सोशल मीडिया स्क्रॉल करते समय, वीडियो देखते समय या सामान्य उपयोग में यह अंतर स्पष्ट दिखता है। कई मध्यम श्रेणी के स्मार्टफोन में अब यह रिफ्रेश रेट मिल जाती है।
120Hz या अधिक रिफ्रेश रेट वाले डिस्प्ले सर्वोच्च स्तर की चिकनाई प्रदान करते हैं। ये विशेष रूप से गेमिंग और बेहद संवेदनशील कार्यों के लिए लाभकारी हैं। हालांकि, उच्च रिफ्रेश रेट बैटरी खपत में भी वृद्धि करते हैं। उपयोगकर्ताओं को अपनी जरूरत और बैटरी जीवन के बीच संतुलन बनाना चाहिए।