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कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तेजी से विकास के बीच सॉफ्टबैंक के सन ने सुरक्षा पर जोर दिया
सॉफ्टबैंक के संस्थापक मासायोशी सन का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तीव्र वृद्धि को देखते हुए देशों को इस तकनीक को साझा तरीके से विकसित करने के लिए आपसी विश्वास बनाना अत्यंत जरूरी है।
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सॉफ्टबैंक ग्रुप के संस्थापक मासायोशी सन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते दायरे को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त की हैं। सन का मानना है कि एआई की क्षमताओं में तीव्र गति से हो रहे विस्तार को देखते हुए सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा है कि इस शक्तिशाली तकनीक का सदुपयोग करने के लिए विभिन्न देशों के बीच परस्पर विश्वास स्थापित करना अपरिहार्य है। सन के अनुसार, केवल आपसी समझदारी और सहयोग के माध्यम से ही दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभ को एकजुट होकर हासिल कर सकती है।
इस बयान में सन ने यह भी संकेत दिया है कि एआई तकनीक के नियमन और सुरक्षा संबंधी वैश्विक ढांचे को विकसित करने की तत्काल जरूरत है। उनका मत है कि प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ इसके दुष्प्रभावों से बचाव के उपाय भी समानांतर रूप से लागू किए जाने चाहिए।
सॉफ्टबैंक ने अपने निवेश पोर्टफोलियो में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित कंपनियों में काफी हिस्सेदारी बनाई है। सन का यह बयान इस बात को दर्शाता है कि भले ही वह इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं, लेकिन वह इसके संभावित जोखिमों के प्रति भी सचेत हैं।