Business · India Bureau
सोलर पैनलों के नीचे भेड़ें: छोटे किसानों के लिए नई आय का जरिया
अमेरिकी दक्षिण में सोलर ग्रेजिंग का चलन बढ़ रहा है, जहां किसान सोलर पैनलों के बीच भेड़ें चराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। यह प्रणाली न केवल किसानों को लाभान्वित करती है बल्कि सोलर कंपनियों के रखरखाव खर्च को भी कम करती है।
LSN India ·

टेनेसी के एक 27 वर्षीय डीजल मैकेनिक का सपना था कि वह पूर्णकालिक किसान बन जाएं। सोलर ग्रेजिंग की नई तकनीक के कारण उनका यह सपना अब साकार हो गया है। इस कृषि पद्धति के तहत किसान सोलर पैनलों के नीचे भेड़ें चराते हैं, जिससे पौधों और घास को नियंत्रित रखा जाता है।
यह व्यवस्था किसानों और सोलर ऊर्जा कंपनियों दोनों के लिए लाभकारी साबित हुई है। किसानों को 400 एकड़ से अधिक चारागाह तक पहुंच मिलती है साथ ही अतिरिक्त आय भी होती है। दूसरी ओर, सोलर कंपनियों को यांत्रिक रखरखाव की लागत में कमी आती है और पैनलों को होने वाले नुकसान का जोखिम भी घट जाता है।
अमेरिकी दक्षिण के विभिन्न क्षेत्रों में छोटे पशुपालकों के लिए यह प्रणाली नए अवसर खोल रही है। भेड़ें न केवल घास को नियंत्रित रखती हैं बल्कि प्राकृतिक खाद भी प्रदान करती हैं। इस सहकारी मॉडल से कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के बीच एक नया आर्थिक संबंध स्थापित हो रहा है।