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चीन में सोलर पैनल समुद्री खीरे की निष्क्रियता अवधि 12 दिन कम करते हैं
चीन में समुद्री खीरे के तालाबों पर लगाए गए सोलर पैनल जल का तापमान कम करके युवा समुद्री खीरों की गर्मियों की सुप्तावस्था को 12 दिन तक कम करने में सफल रहे हैं। यह अध्ययन जलीय कृषि में टिकाऊ ऊर्जा समाधान के संभावित लाभों को दर्शाता है।
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चीन में किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि तालाबों पर सोलर पैनल स्थापित करने से न केवल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न होती है, बल्कि जलीय कृषि के लिए भी महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं। शोधकर्ताओं ने देखा कि सोलर पैनल जल के तापमान को प्रभावी रूप से कम करते हैं, जिससे युवा समुद्री खीरों की गर्मियों की सुप्तावस्था की अवधि में 12 दिन की कटौती हुई है।
यह नवीन दृष्टिकोण, जिसे 'एक्वावोल्टाइक्स' कहा जाता है, पारंपरिक जलीय कृषि प्रणालियों में एक महत्वपूर्ण विकास साबित हो रहा है। पैनलों द्वारा प्रदान की गई छाया तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन लाती है। अध्ययन में पाया गया कि सोलर पैनल प्लवक के वितरण को भी संशोधित करते हैं और तालाब के तल में जैविक सामग्री को कम करते हैं।
समुद्री खीरे की खेती दक्षिणी एशिया के तटीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है। इस तरह के नवाचारों से जलीय कृषि की उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही पर्यावरणीय स्थायित्व भी सुनिश्चित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक्वावोल्टाइक्स प्रणाली अन्य जलीय कृषि फसलों के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो सकती है और इसे व्यापक रूप से अपनाया जा सकता है।