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सोनिया गांधी ने पेंगुइन पर सरकार आलोचना से 'बेचैनी' का आरोप लगाया
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी आसन्न संस्मरण किताब को लेकर सेंसरशिप विवाद पर मौन तोड़ते हुए कहा है कि प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया सरकार की आलोचना से 'बेचैन' था। गांधी ने कहा कि हालांकि वह निराश हैं, किंतु प्रकाशक के इस फैसले से आश्चर्यचकित नहीं हैं।
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अपनी किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' के प्रकाशन को लेकर चल रहे विवाद पर सोनिया गांधी ने गार्जियन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया सरकार की आलोचना के मुद्दे पर 'सामान्य तौर पर बेचैन' था। गांधी के अनुसार, प्रकाशक ने किताब को भारत में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया शुरुआत में इस संस्मरण को प्रकाशित करने के लिए उत्सुक था, लेकिन बाद में भारतीय प्रकाशक के रूप में अपनी भूमिका से हट गया। किताब का वैश्विक प्रकाशन 10 नवंबर को होने वाला है। गांधी ने इस फैसले को अपनी किताब पर सेंसरशिप का प्रयास बताया।
गांधी ने स्वीकार किया कि वह प्रकाशक के इस निर्णय से निराश हैं, लेकिन उन्हें इससे पूरी तरह आश्चर्य नहीं हुआ है। विवाद लेखक के प्रतिनिधियों और प्रकाशक के बीच संपादकीय संशोधनों को लेकर आई मतभेद के कारण शुरू हुआ था।