Politics · India Bureau
दक्षिण अफ्रीका: परिवार ने 11 फार्मों को बदला वन्यजीव अभयारण्य में
एक दक्षिण अफ्रीकी दंपति ने 1997 में 11 पशुपालन फार्मों को जोड़कर 67,000 एकड़ का विशाल वन्यजीव अभयारण्य बनाया। प्राकृतिक पुनर्स्थापन के माध्यम से चीते, गैंडे, हाथी और शेर समेत कई प्रजातियां इस क्षेत्र में लौट आई हैं।
LSN India ·

दक्षिण अफ्रीका के ग्रेट कारू क्षेत्र में एक दंपति ने दो दशक से अधिक पहले एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की थी। 1997 में उन्होंने आसपास के 11 पशुपालन फार्मों को खरीदकर उन्हें एक विशाल संरक्षित क्षेत्र में परिवर्तित करना शुरू किया। इस प्रयास से कुल 67,000 एकड़ भूमि का एक एकीकृत वन्यजीव अभयारण्य बनाया गया।
परियोजना के सफल होने के पीछे कठोर परिश्रम और दीर्घकालिक योजना थी। पहला कदम खेतों के बीच की सभी बाड़ों को हटाना था ताकि वन्यजीवों का मुक्त संचलन संभव हो सके। इसके बाद आक्रामक पौधों की प्रजातियों को साफ किया गया और भूमि को प्राकृतिक पुनर्स्थापन का मार्ग दिया गया।
वन्यजीवों का पुनरागमन परियोजना के सबसे सफल पहलुओं में से एक रहा है। 130 वर्षों के बाद चीते इस क्षेत्र में लौटे, इसके बाद गैंडे और हाथी आए। शेर को भी दोबारा संरक्षित क्षेत्र में लाया गया। विशेष रूप से, तेंदुए स्वाभाविक रूप से अपने आप ही इस इलाके में वापस लौट आए।
यह परियोजना न केवल जैव विविधता के संरक्षण का एक उल्लेखनीय उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे निजी भूमि मालिक प्रकृति के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ग्रेट कारू में यह परिवर्तन वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक केस स्टडी बन गया है।