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दक्षिण कोरिया के युवा किताबों की ओर मुड़े, डिजिटल ट्रेंड को छोड़ा पीछे
सोशल मीडिया और के-ड्रामा की जगह दक्षिण कोरिया के जेन-जेड को अब किताब पढ़ने का शौक सवार है। शहरों की सड़कों पर साहित्य प्रेमियों के समूह बनने लगे हैं।
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दक्षिण कोरिया में एक नया सांस्कृतिक ट्रेंड उभर रहा है जहां युवा पीढ़ी डिजिटल माध्यमों को पीछे छोड़कर किताबों की ओर आकर्षित हो रही है। सियोल और अन्य प्रमुख शहरों की सड़कों पर किताब पढ़ने वाले ग्रुप्स सक्रिय नजर आ रहे हैं, जहां लोग आपस में साहित्य पर चर्चा करते हैं और अपनी पसंद की रचनाओं को साझा करते हैं।
यह आंदोलन मुख्य रूप से जेन-जेड के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जो पारंपरिक रूप से सोशल मीडिया रील्स और के-ड्रामा सीरीज़ के लिए जाने जाते थे। हाल के अवलोकनों में देखा गया है कि ये समूह नियमित रूप से मिलते हैं, किताबों की समीक्षा करते हैं और साहित्यिक चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह परिवर्तन स्क्रीन समय कम करने और अधिक सार्थक सामाजिक संपर्क की इच्छा को दर्शाता है। दक्षिण कोरिया में किताबों की बिक्री और साहित्य संबंधी कार्यक्रमों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह प्रवृत्ति केवल पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के बीच एक व्यापक सांस्कृतिक बदलाव का संकेत है।