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नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सर्वोत्तम: वास्तु विशेषज्ञ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि पर कलश की स्थापना दक्षिण-पूर्व दिशा में करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। कल सुबह तीन घंटे 53 मिनट का समय इस कार्य के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा।
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वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि तत्व का प्रतीक माना गया है। इस दिशा को शक्ति, ऊर्जा, उत्साह और सक्रियता का स्वरूप माना जाता है, जो आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल माना जाता है।
मां दुर्गा का स्वरूप शक्ति और पराक्रम से सीधा संबंध रखता है। इसी कारण नवरात्रि के दौरान देवी की आराधना के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि इसी दिशा में कलश स्थापित करने से देवी का आशीर्वाद अधिक प्रभावी होता है।
आने वाली सुबह तीन घंटे 53 मिनट की अवधि इस पवित्र कार्य के लिए शुभ मुहूर्त माना गया है। भक्तों को सलाह दी जा रही है कि इसी समयावधि में कलश की स्थापना करें और देवी का आशीर्वाद प्राप्त करें।