Business · India Bureau
तीन दक्षिणी राज्यों के बैंकों का साख-जमा अनुपात 100% से ऊपर बना हुआ है
देश भर में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का साख-जमा अनुपात वित्त वर्ष 2025-26 में 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। यह अनुपात वर्तमान वित्त वर्ष में भी 80 प्रतिशत के स्तर पर बना हुआ है।
LSN India ·

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की साख वितरण गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन बैंकों का साख-जमा अनुपात 80 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है। यह संकेत देता है कि बैंकिंग क्षेत्र ग्राहकों को अधिक साख सुविधा प्रदान कर रहा है।
चालू वित्त वर्ष में भी यह प्रवृत्ति जारी है। 15 अक्टूबर, 2026 तक साख-जमा अनुपात 80 प्रतिशत के स्तर पर बना रहा है। यह दर्शाता है कि बैंकिंग प्रणाली में जमा राशि की तुलना में ऋण वितरण में सुसंगत वृद्धि हुई है।
देश के तीन दक्षिणी राज्यों में यह अनुपात 100 प्रतिशत से अधिक बना हुआ है। इस क्षेत्र में बैंकों की साख गतिविधि राष्ट्रीय औसत से अधिक सक्रिय दिखाई दे रही है। यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में साख की मजबूत मांग को दर्शाता है।
साख-जमा अनुपात बैंकिंग सेक्टर के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह अनुपात जितना अधिक होता है, उतना ही बैंकें अपनी जमा राशि को सक्रिय रूप से ऋण के रूप में लगा रहे होते हैं। वर्तमान स्तर अर्थव्यवस्था में आस्था और साख की सुलभता को दर्शाता है।