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सात दशक में दक्षिण भारत अधिक आर्द्र हुआ: भारत मौसम विज्ञान विभाग
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अध्ययन में पाया गया है कि प्रायद्वीपीय भारत में जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं। दक्षिण भारत में वर्षा बढ़ी है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत सूखा और गर्म होता जा रहा है।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक व्यापक अध्ययन में पिछले सात दशकों में भारतीय प्रायद्वीप की जलवायु में उल्लेखनीय परिवर्तन का पता चला है। अध्ययन से संकेत मिलता है कि दक्षिणी भारत वर्षा के मामले में अधिक आर्द्र हो गया है, जबकि उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सूखे और गर्मी में वृद्धि हुई है।
विभाग के निष्कर्षों के अनुसार, प्रायद्वीप का गर्म अर्ध-शुष्क जलवायु क्षेत्र लगभग आधा हो गया है। इन क्षेत्रों का एक बड़ा हिस्सा उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु में रूपांतरित हो गया है, जहां वर्षा अधिक होती है। यह परिवर्तन क्षेत्रीय वनस्पति, कृषि और जल उपलब्धता को प्रभावित कर रहा है।
आईएमडी के विश्लेषण से भारत के विभिन्न भागों में मौसमी पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत मिलता है। दक्षिणी राज्यों में बढ़ती आर्द्रता के विपरीत, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में तापमान में वृद्धि और वर्षा में कमी देखी जा रही है। ये परिवर्तन जलवायु परिस्थितियों में व्यापक बदलाव का संकेत देते हैं।
यह अध्ययन दक्षिण एशिया में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। इन निष्कर्षों से भारत के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि नीति, जल प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।