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दक्षिणी राज्यों को राष्ट्रीय संपदा में अधिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए: शिवकुमार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि अपनी आय के आधार पर दक्षिणी राज्यों को देश की संपत्ति में न्यायसंगत भाग मिलना चाहिए। उन्होंने अत्यधिक प्रवर्तन कार्रवाई से कुछ समृद्ध व्यापारियों के देश से पलायन की समस्या को भी उजागर किया।

LSN India · 21 August 2026

दक्षिणी राज्यों को राष्ट्रीय संपदा में अधिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए: शिवकुमार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि दक्षिणी भारतीय राज्यों को राष्ट्रीय संसाधनों का आवंटन उनकी आर्थिक योगदान के आधार पर अधिक न्यायसंगत होना चाहिए। शिवकुमार का मानना है कि इन राज्यों की आय और आर्थिक क्षमता को देश के समग्र विकास में उनके योगदान के अनुरूप परिलक्षित किया जाना चाहिए।

शिवकुमार ने यह भी चिंता जताई है कि अत्यधिक प्रवर्तन कार्रवाई से कुछ सम्पन्न व्यवसायियों को देश से बाहर जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी नीतियों से राष्ट्रीय हित को नुकसान हो सकता है और विदेशी निवेश तथा व्यावसायिक विश्वास को प्रभावित किया जा सकता है।

कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्य भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये राज्य प्रौद्योगिकी, कृषि और अन्य क्षेत्रों में पर्याप्त आर्थिक योगदान देते हैं। शिवकुमार का तर्क है कि केंद्रीय संसाधनों के वितरण में इस योगदान को वजन दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री की टिप्पणियां संघवाद और संसाधन वितरण को लेकर उठने वाले व्यापक सवालों को रेखांकित करती हैं। दक्षिणी राज्यों द्वारा दशकों से यह तर्क दिया जाता रहा है कि उन्हें अपनी आर्थिक शक्ति और योगदान के अनुपात में अधिक संसाधन मिलने चाहिए।