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दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी, पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत
भारत मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देश से पूरी तरह वापस चला गया है, जबकि पूर्वोत्तर मानसून दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में अपनी गतिविधि शुरू कर चुका है। इस वर्ष मानसून का प्रदर्शन सामान्य से कमजोर रहा।
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भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को घोषणा की कि देश के अधिकांश हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूर्ण वापसी हो गई है। साथ ही, पूर्वोत्तर मानसून दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों में सक्रिय हो गया है। यह मौसमी परिवर्तन भारत के मानसून चक्र का एक महत्वपूर्ण चरण चिह्नित करता है।
इस बार के दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रदर्शन औसत से कम रहा है। भारत मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में वर्षा सामान्य औसत से 12.6 प्रतिशत कम रही। यह घाटा कृषि और जल संसाधन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
पूर्वोत्तर मानसून, जिसे शीतकालीन मानसून भी कहा जाता है, अब तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिणी राज्यों में वर्षा ला रहा है। यह प्रणाली अगले कई महीनों तक दक्षिण और दक्षिणपूर्व भारत को प्रभावित करती रहेगी।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पूर्वोत्तर मानसून की तीव्रता और अवधि इस बार का महत्वपूर्ण कारक होगी। इस अवधि में भारत के पूर्वी और तटीय क्षेत्रों में बारिश की मात्रा सामान्य स्थिति को बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।