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स्पेन में मिले डिप्लोडोकस के जीवाश्म, उत्तरी अमेरिका का एकाधिकार टूटा
स्पेन के तेरुएल क्षेत्र में मिली 15 करोड़ साल पुरानी डिप्लोडोकस की पूंछ की हड्डियां एक ऐतिहासिक खोज हैं। इस खोज से माना जा रहा है कि देर से जुरासिक काल में समुद्र के स्तर में गिरावट से डायनासोर महाद्वेशों के बीच प्रवास कर सकते थे।
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पुरातत्व विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज हुई है। स्पेन के तेरुएल क्षेत्र में शोधकर्ताओं को डिप्लोडोकस की 14 कशेरुकाएं मिली हैं। ये जीवाश्म लगभग 15 करोड़ साल पुरानी हैं और दीर्घकाय शाकाहारी डायनासोर की पूंछ का हिस्सा हैं।
यह खोज इसलिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि अब तक डिप्लोडोकस के जीवाश्म केवल उत्तरी अमेरिका में मिले थे। स्पेन में इसकी खोज सर्वप्रथम है, जिससे वैज्ञानिक सम्प्रदाय में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह खोज विश्व पैलिओन्टोलॉजी में नया आयाम जोड़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज से जुरासिक काल की भूगोलिक परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। देर से जुरासिक काल में समुद्र का स्तर कम था, जिससे महाद्वेशों के बीच जलभूमियां सूख गईं। इससे विशाल डायनासोर एक महाद्वेश से दूसरे महाद्वेश तक पहुंच सकते थे।
तेरुएल में मिले ये कशेरुकाएं वैज्ञानिकों को मेसोजोइक काल के डायनासोर प्रवास के बारे में नई समझ प्रदान करेंगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस क्षेत्र में और खोज के संकेत मिल रहे हैं, जो भविष्य में अधिक महत्वपूर्ण जानकारियां दे सकते हैं।