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आपातकाल में जेल में हुई यातना का सच: स्टालिन का वीडियो जवाब
तमिलनाडु के विपक्ष नेता एम.के. स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि आपातकाल के दौरान उनके जबड़े जेल में टूट गए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें और अन्य कैदियों को कोढ़ियों के वार्ड में रखा गया था।
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तमिलनाडु के विपक्ष नेता एम.के. स्टालिन ने शनिवार को एक वीडियो संदेश के माध्यम से आपातकाल के दौरान जेल में सहन की गई यातनाओं का विस्तार से वर्णन किया। इस वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदिरा गांधी द्वारा घोषित आपातकाल की अवधि में उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया था।
स्टालिन ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि आपातकाल के दौरान उन्हें गंभीर शारीरिक चोटें पहुंचाई गई थीं, जिसमें उनके जबड़ों में फ्रैक्चर भी शामिल था। उन्होंने बताया कि उन्हें और अन्य राजनीतिक कैदियों को कोढ़ियों के लिए आरक्षित वार्ड में रखा गया था, जो उन्हें दी गई अमानवीय परिस्थितियों को दर्शाता है।
यह वीडियो प्रतिक्रिया तमिलनाडु के मुख्यमंत्री द्वारा की गई किसी टिप्पणी के जवाब में आई है। स्टालिन ने जोर देकर कहा कि आपातकाल के दौरान की गई यातनाएं ऐतिहासिक तथ्य हैं और इसे नकारा नहीं जा सकता।
आपातकाल (1975-1977) भारतीय इतिहास का एक विवादास्पद अध्याय माना जाता है, जिस दौरान हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था और उनके साथ कथित यातना का व्यवहार किया गया था। स्टालिन का यह वीडियो संदेश उस अंधकार पूर्ण अवधि की स्मृति को फिर से जागृत करता है।