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जाति जनगणना को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव लाने की मांग

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र द्वारा घोषित जाति गणना पद्धति को निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि खुली प्रारूप वाली यह व्यवस्था उचित नहीं है।

LSN India · 6 September 2026

जाति जनगणना को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव लाने की मांग

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने जाति जनगणना की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित जाति विवरण दर्ज करने की 'खुली प्रारूप' पद्धति का विरोध किया है, जिसमें पूर्व निर्धारित ड्रॉप-डाउन सूची या मानकीकृत मेनू नहीं है।

स्टालिन की मानें तो यह दृष्टिकोण जनगणना की प्रभावशीलता को कम करेगा और सटीक आंकड़े संकलित करने में बाधा डालेगा। उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा में इस मुद्दे के संबंध में एक प्रस्ताव लाने की मांग की है ताकि राज्य स्तर पर एक समन्वित रुख अपनाया जा सके।

मुख्यमंत्री का तर्क है कि जाति जनगणना की सही व्याख्या के लिए एक मानकीकृत और सुव्यवस्थित प्रारूप होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस विषय पर राज्य सरकारों से परामर्श लेना चाहिए।

जाति आधारित आरक्षण और सामाजिक नीतियों के निर्माण में सटीक जनगणना आंकड़े महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कारण स्टालिन जैसे नेताओं के लिए इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैज्ञानिकता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।