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स्टैनफोर्ड की 20 साल की मेहनत से बना कैंसर थेरेपी बाजार में आया

दो दशक के शोध के बाद स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय ने ओर्का-टी नामक क्रांतिकारी रक्त कैंसर उपचार को एफडीए की मंजूरी दिलवाई है। यह थेरेपी स्टेम सेल प्रत्यारोपण के बाद होने वाली गंभीर जटिलता को 78 प्रतिशत तक कम करती है।

LSN India · 8 October 2026

स्टैनफोर्ड की 20 साल की मेहनत से बना कैंसर थेरेपी बाजार में आया

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ओर्का-टी नामक एक अभूतपूर्व रक्त कैंसर उपचार विकसित किया है जिसे अमेरिकी औषधि प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। बीस वर्षों की निरंतर मेहनत के बाद यह थेरेपी अपने पहले वाणिज्यिक रोगी को दी गई है, जो उच्च जोखिम वाले ल्यूकेमिया से पीड़ित था।

इस नई चिकित्सा पद्धति का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह स्टेम सेल प्रत्यारोपण के बाद होने वाली ग्राफ्ट-वर्सस-होस्ट रोग (जीवीएचडी) नामक गंभीर जटिलता को काफी हद तक कम करती है। नैदानिक परीक्षणों से पता चला है कि 78 प्रतिशत रोगी इस जटिलता से मुक्त रहे हैं, जो इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता है।

ओर्का-टी थेरेपी न केवल गंभीर जटिलताओं को कम करती है बल्कि रोगियों को आवश्यक कीमोथेरेपी की मात्रा भी घटाती है। इससे रोगियों को कम दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता है और उनकी समग्र स्वास्थ्य स्थिति बेहतर रहती है।

स्टैनफोर्ड के शोधदल आने वाले समय में इस उपचार को अन्य रोगी समूहों पर भी परीक्षण करने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के अध्ययन इस थेरेपी की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता को विभिन्न रक्त कैंसर रोगियों के लिए साबित कर सकते हैं।