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न्यूनतम निवेश से रिटायरमेंट कोष बनाने की रणनीति
वित्तीय विशेषज्ञ कम उम्र से नियमित निवेश की आदत डालने की सलाह दे रहे हैं। 10-30-50 फ्रेमवर्क के जरिए आय बढ़ने के साथ-साथ निवेश को बढ़ाया जा सकता है।
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रिटायरमेंट की योजना बनाते समय लोग अक्सर एक निश्चित रकम जैसे 40 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखते हैं, किंतु वित्तीय सलाहकार मानते हैं कि यह दृष्टिकोण सभी के लिए उपयुक्त नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक सेवानिवृत्ति कोष उनके मासिक खर्च, जीवनशैली, रहने वाले शहर, संपत्ति और पारिवारिक दायित्वों जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
वित्तीय नियोजन में एक नई रणनीति उभर रही है जिसे 10-30-50 फ्रेमवर्क कहा जाता है। यह पद्धति शुरुआती उम्र से ही नियमित निवेश की आदत विकसित करने पर केंद्रित है, चाहे प्रारंभिक राशि कितनी भी कम हो। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दृष्टिकोण दीर्घकालीन संपत्ति निर्माण में अधिक प्रभावी साबित होता है।
इस फ्रेमवर्क का मूल सिद्धांत यह है कि जैसे-जैसे आय में वृद्धि होती है, निवेश की राशि को भी आनुपातिक रूप से बढ़ाया जाए। कम उम्र में 100 रुपये से शुरू किया गया निवेश भी समय के साथ और बड़ी राशियों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण कोष का निर्माण कर सकता है। यह पद्धति निवेशकों को आर्थिक अनुशासन सिखाते हुए दीर्घमेয़ादी लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करती है।
सेवानिवृत्ति के बाद आराम से जीवनयापन के लिए आवश्यक कोष का आकार व्यक्तिगत परिस्थितियों पर आधारित होना चाहिए। व्यक्तिगत लक्ष्य निर्धारण और नियमित निवेश की आदत ही दीर्घकालीन आर्थिक सुरक्षा की कुंजी है।