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ई20 पेट्रोल विवाद: सरकारी तेल कंपनियों ने कर्नाटक के दावों को खारिज किया
कर्नाटक सरकार द्वारा ई20 पेट्रोल में 31 प्रतिशत इथेनॉल मिलने के दावे पर तेल कंपनियों ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकारी तेल कंपनियों ने राज्य सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि नमूना परीक्षण में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
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कर्नाटक सरकार के ई20 ईंधन में अनिर्धारित इथेनॉल होने के आरोपों को लेकर सरकारी तेल कंपनियों ने मजबूत खंडन किया है। भारतीय तेल निगम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार के दावों को चुनौती दी है।
तेल कंपनियों का मुख्य तर्क है कि कर्नाटक सरकार द्वारा पेट्रोल के नमूनों की जांच करते समय भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनियां सभी सरकारी निर्देशों और अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार ई20 पेट्रोल का विक्रय करती हैं।
ई20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल का मिश्रण अनुमत है और यह भारत में पर्यावरण के अनुकूल ईंधन विकल्प के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। सरकारी तेल कंपनियों का दावा है कि वे सभी गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करते हैं और इस संबंध में राज्य सरकार की जांच विधिवत तरीके से संचालित नहीं की गई थी।
इस विवाद से ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि बाजार में उपलब्ध उनके सभी ईंधन निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं।