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राज्य स्तरीय कर सुधार से बीयर उद्योग को मिला बड़ा बढ़ावा: यूबीएल
कर्नाटक के नए शराब-आधारित ड्यूटी ढांचे ने पहले माह में ही बीयर क्षेत्र में 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यूनाइटेड ब्रूयरीज के अनुसार, मद्य सामग्री के आधार पर निर्धारित यह कर व्यवस्था उद्योग के विकास को प्रेरित कर रही है।
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कर्नाटक द्वारा लागू किए गए नए कराधान ढांचे ने बीयर उद्योग को उल्लेखनीय गति प्रदान की है। राज्य की शराब-में-पेय (एआईबी) आधारित ड्यूटी संरचना, जो पेय पदार्थों में मद्य सामग्री के प्रतिशत के अनुसार कर निर्धारित करती है, को इस सकारात्मक प्रवृत्ति का मुख्य कारण माना जा रहा है।
यूनाइटेड ब्रूयरीज लिमिटेड के अनुसार, इस नीतिगत बदलाव के कार्यान्वयन के बाद पहले माह में ही बीयर उद्योग ने लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह सुधार बीयर सेगमेंट के विस्तार और उपभोक्ता मांग में स्पष्ट वृद्धि को दर्शाता है।
यह ड्यूटी संरचना पारंपरिक कर व्यवस्था से भिन्न है और उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार इसने कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय पदार्थों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाई हैं। इस प्रकार की नीतिगत पहल से न केवल बीयर क्षेत्र बल्कि संबंधित संपूर्ण पेय उद्योग को लाभ मिलने की संभावना है।
कर्नाटक का यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक संदर्भ बन सकता है, जहां समान कर सुधार से उद्योग विकास को नई दिशा मिल सकती है। आने वाले महीनों में इस नीति के प्रभाव को देखना दिलचस्प होगा।