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पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र से कृषि और आबादी वाले इलाकों को बाहर रखने का वादा
राज्य के मंत्री ने आश्वासन दिया कि पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र की सीमांकन में बसे हुए और कृषि क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाएगा। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को निर्धारित समय सीमा में व्यापक प्रतिक्रिया प्रस्तुत की जाएगी।
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राज्य सरकार पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) की घोषणा से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नई सीमांकन प्रक्रिया में आवासीय और कृषि भूमि को विशेष रूप से बाहर रखा जाएगा। यह कदम स्थानीय समुदायों की आजीविका और हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
राज्य कृषक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की चिंताओं को गंभीरता से लिया है, जिन्होंने कृषि क्षेत्रों पर ईएसए घोषणा के संभावित प्रभाव के बारे में आशंका व्यक्त की थी। सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को प्रस्तुत की जाने वाली प्रतिक्रिया में पारदर्शी डेटा और स्थानीय अध्ययन शामिल होंगे। राज्य ने निर्धारित समय सीमा में इस व्यापक दस्तावेज़ को पूरा करने का आश्वासन दिया है, जिससे केंद्रीय मंत्रालय द्वारा सूचित निर्णय लिया जा सके।