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राज्यों का पूंजीगत व्यय खर्च की गति धीमी पड़ी
वित्तीय वर्ष 2026-27 की अप्रैल से अगस्त की अवधि में 23 राज्यों ने अपने संयुक्त पूंजीगत बजट का मात्र 21.21 प्रतिशत खर्च किया है। यह दर पिछले साल की समान अवधि में दर्ज 21.73 प्रतिशत से कम है।
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23 राज्यों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली पांच महीनों में 2.4 ट्रिलियन रुपये का पूंजीगत व्यय किया है। यह राशि उनके संयुक्त पूंजीगत बजट का 21.21 प्रतिशत है, जो बजट निष्पादन की गति को दर्शाता है।
इस वर्ष की बजट खर्च दर पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में कमजोर रही है। वर्ष 2025-26 में इसी अवधि के दौरान राज्यों ने अपने पूंजीगत बजट का 21.73 प्रतिशत खर्च किया था। यह 0.52 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्शाती है, जो राज्य स्तर पर बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं में निवेश की गति में मंदी का संकेत है।
पूंजीगत व्यय सरकारी खर्च का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है क्योंकि यह बुनियादी ढांचे, सड़कों, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी दीर्घकालिक संपत्तियों के निर्माण में योगदान देता है। बजट वर्ष में बेहतर व्यय दर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने में मदद करती है।
राज्यों की निर्धारित समय सीमा में पूंजीगत व्यय को पूरा करना प्रशासनिक दक्षता और परियोजना प्रबंधन का महत्वपूर्ण पहलू है। वर्तमान रुझान यह संकेत देता है कि राज्यों को अपनी खर्च की गति में तेजी लाने की आवश्यकता हो सकती है ताकि वर्ष के अंत तक बजट लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।