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राज्यों के कर्ज ढांचे में विस्तार, Q3 में जम्मू-कश्मीर शामिल होगा
केंद्रीय ढांचे का विस्तार अगले वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से अधिक राज्यों में होगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कुल बाजार कर्ज 3.61 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
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देश के वित्तीय ढांचे में एक महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की गई है जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्ज प्रबंधन को प्रभावित करेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही से लागू होने वाले इस ढांचे में जम्मू-कश्मीर और कई अन्य क्षेत्र शामिल किए जाएंगे।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का कुल बाजार से लिया जाने वाला कर्ज 3.61 लाख करोड़ रुपये होगा। यह विस्तार देश के बढ़ते आर्थिक विकास और राज्यों की बढ़ती वित्तीय आवश्यकताओं को दर्शाता है।
इस ढांचे का विस्तार राज्यों को बेहतर वित्तीय उपकरण और बाजार पहुंच प्रदान करने का लक्ष्य रखता है। यह कदम केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय समन्वय को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।