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थार रेगिस्तान में आवारा कुत्ते गिद्धों के लिए बड़ा खतरा: अध्ययन
वैज्ञानिकों के अध्ययन से पता चला है कि खुले डंप साइटों पर गिद्ध कुत्तों की मौजूदगी के कारण शवों पर आधे समय के लिए ही रुकते हैं। कुत्तों से मुक्त स्थानों पर उनके रहने का समय काफी अधिक होता है।
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थार रेगिस्तान में किए गए एक नए अध्ययन में पता चला है कि आवारा कुत्ते स्थानीय गिद्ध आबादी के लिए एक गंभीर खतरा बन गए हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि खुली डंप साइटों पर गिद्ध अपने भोजन के स्रोतों के पास केवल आधे समय के लिए ही रह पाते हैं जब कुत्तों की भीड़ होती है।
शोधकर्ताओं के अवलोकन में पाया गया कि जहां कुत्ते मौजूद नहीं होते, वहां गिद्ध काफी लंबे समय तक शवों पर रुकते हैं और आहार प्राप्त कर सकते हैं। इसके विपरीत, आवारा कुत्तों की उपस्थिति में गिद्धों को बार-बार अपनी खोज छोड़नी पड़ती है।
यह स्थिति गिद्ध आबादी के संरक्षण के लिए चिंताजनक है। पहले से ही घटती गिद्ध संख्या अब आवारा पशुओं के कारण और भी अधिक दबाव में आ गई है। अध्ययन से संकेत मिलता है कि पशु आबादी प्रबंधन पर ध्यान देना गिद्धों के संरक्षण के लिए आवश्यक हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि थार रेगिस्तान में गिद्धों की स्थिति में सुधार के लिए आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के उपाय आवश्यक हो गए हैं। इसके साथ ही कुत्तों से मुक्त संरक्षित क्षेत्र बनाने की भी जरूरत है ताकि गिद्ध सुरक्षित रूप से अपना भोजन प्राप्त कर सकें।