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कर्नाटक में स्ट्रोक रोगियों की संख्या बढ़ी, हब-स्पोक मॉडल से मिल रहा विशेष इलाज
निमहांस में न्यूरोलॉजी विभाग में आने वाले 40 प्रतिशत रोगी स्ट्रोक के मरीज हैं। उत्तरी कर्नाटक में केएमसीआरआई हुब्बली प्रति माह 120 स्ट्रोक मामलों का इलाज कर रहा है।
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उत्तरी कर्नाटक में स्ट्रोक के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) बेंगलुरु के न्यूरोलॉजी विभाग में आने वाले 40 प्रतिशत रोगी स्ट्रोक से संबंधित हैं। क्षेत्र में इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
हुब्बली स्थित कर्नाटक मेडिकल कॉलेज रिसर्च इंस्टीट्यूट (केएमसीआरआई) प्रमुख स्ट्रोक उपचार केंद्र के रूप में काम कर रहा है। यह संस्थान प्रतिमाह लगभग 120 स्ट्रोक के मामलों का सफलतापूर्वक इलाज कर रहा है। क्षेत्र में विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता से आपातकालीन परिवहन की आवश्यकता में कमी आई है।
हब-और-स्पोक मॉडल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा का विकेंद्रीकरण किया जा रहा है। इस प्रणाली में केंद्रीय अस्पताल से जुड़े कई स्थानीय चिकित्सा केंद्र एक नेटवर्क बनाते हैं। इससे बेंगलुरु तक आपातकालीन रोगी स्थानांतरण की आवश्यकता में कमी आई है और स्थानीय स्तर पर ही तुरंत उपचार मिलने लगा है।
स्ट्रोक एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें समय पर इलाज जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। विश्व स्ट्रोक दिवस प्रतिवर्ष 29 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन को स्ट्रोक जागरूकता और रोकथाम के महत्व को रेखांकित करने के लिए चिन्हित किया गया है।