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अध्ययन: परीक्षा की तैयारी में हाइलाइटर करना समझ को कम कर सकता है
शिक्षा अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान हाइलाइटर का अत्यधिक उपयोग छात्रों की वास्तविक समझ को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार विषयों को एक साथ तैयार करने के बजाय विभिन्न समय अवधि में पढ़ना अधिक प्रभावी है।
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शिक्षा विज्ञान के क्षेत्र में किए गए शोध से पता चला है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान हाइलाइटर मार्कर से किताबों के महत्वपूर्ण हिस्सों को रंगने की प्रथा छात्रों के लिए उतनी कारगर नहीं है, जितना आमतौर पर माना जाता है। वास्तव में, यह तकनीक दीर्घकालिक सीखने को प्रभावित कर सकती है।
अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, विषयों को एक बार में संपूर्णता से पढ़ना और फिर अगले विषय की ओर बढ़ना छात्रों की वास्तविक समझ में बाधा डाल सकता है। इसके विपरीत, समान्तर अभ्यास पद्धति अधिक लाभकारी साबित हुई है, जिसमें एक विषय पर कुछ समय काम करने के बाद दूसरे विषय में स्विच किया जाता है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि छात्रों को अपनी तैयारी की योजना पहले से ही बना लेनी चाहिए। इस रणनीति में सभी विषयों को एक ही दिन में पूरा करने के बजाय उन्हें विभिन्न दिनों में वितरित करना शामिल है। यह दृष्टिकोण पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाता है और जानकारी को स्मृति में अधिक मजबूती से रखता है।
शिक्षा विशेषज्ञ विद्यार्थियों को सलाह देते हैं कि वे अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे भागों में बांटें और नियमित अंतराल पर दोहराव करें। यह विधि पारंपरिक हाइलाइटिंग तकनीक की तुलना में बहुत अधिक समझ और ज्ञान को बरकरार रखने में सहायक साबित हुई है।