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गन्ना किसानों का आंदोलन जारी, केंद्रीय समिति से मिले पर शर्तें रहीं
गन्ना किसानों ने केंद्रीय समिति का स्वागत तो किया लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य और उचित और लाभकारी मूल्य में संशोधन तक आंदोलन नहीं रोकने का संकल्प दिखाया। मंत्री लक्ष्मण सवदे ने कहा कि केंद्रीय मंत्री इस बैठक के लिए तैयारी के साथ नहीं आए।
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दिल्ली में गन्ना किसानों और केंद्रीय प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में किसान संगठनों ने अपनी मांगों पर दृढ़ता दिखाई है। राज्य कृषि मंत्री लक्ष्मण सवदे के अनुसार, संघीय मंत्री बिना पर्याप्त तैयारी के इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए, जिससे कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में तुरंत संशोधन की मांग कर रहे हैं। जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक किसान अपना आंदोलन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सवदे के बयान से लगता है कि केंद्रीय सरकार की ओर से किसानों की चिंताओं को गंभीरता से संबोधित करने की पर्याप्त तैयारी नहीं थी। इस स्थिति में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है और आने वाले दिनों में और गहन बातचीत की आवश्यकता प्रतीत हो रही है।
गन्ना उत्पादक राज्यों के किसानों के लिए मूल्य निर्धारण एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। वर्तमान आंदोलन उनकी आजीविका और कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता से जुड़ा है, जिसे सरकार को तुरंत संबोधित करने की जरूरत है।