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धर्मांतरण और आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण मामले पर निर्णय दिया है। तमिलनाडु में जन्मे एक व्यक्ति द्वारा हिंदू धर्म से इस्लाम में परिवर्तन के बाद आरक्षण लाभ को लेकर उठा सवाल इस मामले का केंद्र बिंदु रहा।

LSN India · 19 October 2026

धर्मांतरण और आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में 1993 में जन्मे एक व्यक्ति ने सितंबर 2015 में स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपना लिया। इस धर्मांतरण के बाद अनुसूचित जाति के आरक्षण लाभ को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसे लेकर मामला अदालत तक पहुंचा।सरकार सचिव बनाम समीर अहमद एन. के इस ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट को धर्मांतरण के बाद आरक्षण के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय देना पड़ा। मामले में मुख्य प्रश्न यह था कि क्या किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे धर्म को अपनाने के बाद वह अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकता है।

यह मामला भारतीय संवैधानिक कानून में धर्म और सामाजिक न्याय के बीच संबंध को समझने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। अदालत के फैसले के निहितार्थ देश भर में आरक्षण नीति और धार्मिक परिवर्तन से संबंधित कई अन्य मामलों को भी प्रभावित कर सकते हैं।