Politics · India Bureau
ग्रेट निकोबार परियोजना: सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपा मामला
ग्रेट निकोबार विकास परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई का अधिकार, वनाधिकार, आदिवासी संस्कृति और पर्यावरणीय अनुमोदन से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष रखा है।
LSN India ·

सुप्रीम कोर्ट ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में ग्रेट निकोबार पर प्रस्तावित बड़े बुनियादी ढांचा परियोजना को लेकर दायर जनहित याचिका को कलकत्ता हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इस कदम से याचिका की स्वीकार्यता, नागरिकों का कानूनी अधिकार और मामले की सुनवाई के लिए सक्षम अदालत जैसे महत्वपूर्ण कानूनी सवाल अनुत्तरित रह गए हैं।
यह परियोजना द्वीपों के सदियों पुराने वन और आदिवासी समुदायों को प्रभावित कर सकती है। याचिकाकर्ताओं ने पर्यावरणीय अनुमोदन प्रक्रिया और वन संरक्षण कानूनों का पालन न किए जाने का आरोप लगाया है। साथ ही, स्थानीय जनजातियों के पारंपरिक अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं उठाई गई हैं।
कलकत्ता हाईकोर्ट के पास अब इन सभी पहलुओं पर विस्तृत विचार करने का दायित्व है। अदालत को जनहित याचिका के दायरे, वनाधिकार कानून की प्रासंगिकता और परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकार्यता सहित विभिन्न कानूनी मुद्दों पर निर्णय लेना होगा। यह मामला भारत में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की जटिलता को दर्शाता है।