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साइबर अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने साइबर धोखाधड़ी के आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया। अदालत ने दिवाली के बाद समर्पण करने की अर्जी को भी खारिज कर दिया।

LSN India · 6 November 2026

साइबर अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं: सुप्रीम कोर्ट

भारत की सर्वोच्च अदालत ने साइबर अपराधियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसे अपराधियों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय संविधान पीठ ने साइबर धोखाधड़ी के एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने इस मामले में कठोर रुख अपनाया और कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए जेल ही उपयुक्त स्थान है।

आरोपी की ओर से दिवाली पर्व के बाद समर्पण करने की अर्जी भी पेश की गई थी, लेकिन अदालत ने इस प्रस्ताव को भी स्वीकार नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साइबर अपराधों की गंभीरता पर प्रकाश डाला और कहा कि ऐसे मामलों में कोई रियायत नहीं दी जा सकती है। न्यायालय का मानना है कि साइबर अपराध आधुनिक समाज के लिए एक गंभीर खतरा है।

यह फैसला डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में न्यायपालिका के कठोर दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संकेत देता है कि देश की अदालतें साइबर अपराधों को गंभीरता से लेती हैं और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। हाल के वर्षों में साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ी हैं, और अदालतें इन पर नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई कर रही हैं।