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बाल मृत्यु मामले में बाल रोग विशेषज्ञ को जमानत नहीं दी गई
सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश में 26 बच्चों की मौत से जुड़ी खांसी की दवा देने के मामले में बाल रोग विशेषज्ञ प्रवीण सोनी को जमानत देने से इंकार कर दिया है। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने इसी दवा को लगातार प्रिस्क्राइब करते रहे।
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सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश में एक बाल रोग विशेषज्ञ के जमानत के आवेदन को खारिज कर दिया है। आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी पर कोल्डरिफ खांसी की दवा के नियमित प्रिस्क्राइब करने का आरोप है, जिसे बच्चों की मौत से जोड़ा जा रहा है।
मामले में कुल 26 बच्चों की मौत हुई है और इस दवा को इन मौतों से जुड़ा माना जा रहा है। न्यायालय के इंकार से संकेत मिलता है कि अदालत को मामले में गंभीर आरोप दिखाई दे रहे हैं और वह आरोपी को जमानत पर रिहा करने में जोखिम देख रही है।
यह मामला चिकित्सा पेशेवरों द्वारा दवाओं के प्रिस्क्राइबिंग से संबंधित गंभीर चिंताएं उजागर करता है। न्यायालय का निर्णय दर्शाता है कि ऐसी गंभीर परिस्थितियों में कानूनी कार्यवाही का कोर्स किस प्रकार आगे बढ़ता है।
यह मामला स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों पर भी प्रकाश डालता है। जांच प्रक्रिया जारी है और अदालत मामले के सभी पहलुओं पर विचार कर रही है।