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NCLT की बुनियादी ढांचे की खस्ता हालत पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, केंद्र से सुधार की मांग
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की सुविधाओं की स्थिति पर केंद्र सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने NCLT के अध्यक्ष के साथ परामर्श कर आवश्यक सुधार की पहचान करने को कहा है।
LSN India ·

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) के बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की कमी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने केंद्र सरकार को NCLT की विभिन्न बेंचों में मौजूद सुविधाओं की व्यापक जानकारी प्रदान करने के लिए कहा है।
कोर्ट ने सरकार से यह भी अपेक्षा की है कि वह NCLT के अध्यक्ष के साथ विचार-विमर्श करके उन सुविधाओं की पहचान करे जिन्हें तत्काल आधार पर सुधारने की आवश्यकता है। इस आदेश में अदालत ने न्यायाधिकरण के बेहतर कामकाज के लिए आवश्यक संसाधनों की स्थिति की भी समीक्षा करने को कहा है।
NLCT एक महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था है जो कंपनी कानून से संबंधित विवादों का निपटारा करती है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम न्यायाधिकरण की कार्यक्षमता बढ़ाने और इसके तहत लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने की दिशा में है।
सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह शीघ्र ही विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी जिसमें NCLT के सभी बेंचों की सुविधाओं की वर्तमान स्थिति और सुधार के लिए की जाने वाली कार्रवाई का विवरण होगा।