World · India Bureau
दवा कंपनियों की अनैतिक प्रथाओं पर रोक के लिए समिति बनाएं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दवा निर्माता कंपनियों की अनैतिक प्रथाओं पर नियंत्रण के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है। यह कदम फार्मास्यूटिकल उद्योग में पारदर्शिता और नैतिक मानकों को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
LSN India ·

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से कहा है कि वह एक समिति का गठन करे जो दवा निर्माता कंपनियों की अनैतिक और अनुचित प्रथाओं को रोकने के लिए काम करे। कोर्ट का मानना है कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में नैतिक मानकों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
यह निर्देश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दवा उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए अनैतिक प्रथाओं पर सख्त नियंत्रण जरूरी है।
इस समिति को दवा कंपनियों की गतिविधियों की निरीक्षण करना और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश करनी होगी। कोर्ट ने कहा कि यह कदम रोगियों के हितों की रक्षा करने और फार्मास्यूटिकल उद्योग में सुस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट की यह पहल फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में व्याप्त कदाचार और अनुचित प्रथाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। कोर्ट ने सरकार को समिति के गठन और उसकी कार्य प्रणाली के बारे में विस्तृत योजना सौंपने के लिए कहा है।