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एसएमए रोगियों के इलाज के लिए स्थायी निधि का प्रस्ताव मांगा सुप्रीम कोर्ट ने

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़ित रोगियों के उपचार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और अमिकस क्यूरी से स्थायी निधि कोष का प्रस्ताव देने को कहा है। यह कोष कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व और सरकारी अनुदान के माध्यम से संचालित होगा।

LSN India · 8 October 2026

एसएमए रोगियों के इलाज के लिए स्थायी निधि का प्रस्ताव मांगा सुप्रीम कोर्ट ने

सुप्रीम कोर्ट ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) नामक दुर्लभ आनुवंशिक विकार से जूझ रहे रोगियों के उपचार के लिए एक स्थायी वित्तीय व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार और अमिकस क्यूरी (न्यायालय के मित्र) से इस संबंध में एक व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है जो रोगियों के इलाज को सुनिश्चित कर सके।

एसएमए का इलाज अत्यंत महंगा है और सामान्य परिवारों की पहुंच के बाहर है। सुप्रीम कोर्ट का कदम इस गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अदालत ने सुझाव दिया है कि यह स्थायी कोष कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत कंपनियों के योगदान और सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि से संचालित हो सकता है।

इस निर्देश के बाद अब सरकार और नियुक्त विशेषज्ञों को ऐसा तंत्र विकसित करना होगा जो लंबे समय तक एसएमए रोगियों को उपचार सहायता प्रदान कर सके। अदालत का यह निर्णय देश के दुर्लभ रोग रोगियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।