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यूनिटेक निदेशकों के मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने ED और दिल्ली पुलिस को मांगी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूनिटेक लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ मामलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि शीघ्र विचारण सुनिश्चित करने के लिए और आवास खरीदारों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए।
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न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और के वी विश्वनाथन की खंडपीठ ने कहा कि कानून को अपना रास्ता अपनाना चाहिए लेकिन आरोपितों को कोई और ढील नहीं दी जानी चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विचारण शुरू होना चाहिए और यह अनिश्चित काल तक नहीं चलना चाहिए। कोर्ट ने कहा, "हम इन मामलों की विशेष सुनवाई के लिए एक विशेष न्यायालय का गठन करेंगे लेकिन किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।"
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आवास क्रेताओं द्वारा जमा की गई राशि के संबंध में सवाल उठाया। खंडपीठ ने पूछा कि यह पैसा कहां गया है और क्या यह देश से बाहर गया है। न्यायालय ने कहा कि जांच एजेंसियों की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कानून में भ्रम की स्थिति आरोपितों को लाभ दे रही है और इसलिए कुशल एजेंसियों को पैसे का पता लगाने के लिए काम करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर के लिए निर्धारित की है। इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय और दिल्ली पुलिस को यूनिटेक के निदेशकों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की विस्तृत जानकारी पेश करनी होगी। कोर्ट का यह निर्णय हजारों परेशान आवास क्रेताओं की उम्मीद को ताकत देता है जो लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।