Politics · India Bureau
सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट वीडियो के दुरुपयोग के लिए दंड का प्रावधान करने को कहा
सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को लाइव स्ट्रीमिंग किए गए कोर्ट कार्यवाही के अनधिकृत उपयोग और वाणिज्यिक शोषण के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दंड का प्रावधान करने का निर्देश दिया है। सरकार इसके लिए व्यापक दिशानिर्देश तैयार कर रही है।
LSN India ·

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से कहा है कि वह प्रस्तावित नीति ढांचे में लाइव स्ट्रीमिंग किए गए कोर्ट कार्यवाही के अनधिकृत निष्कर्षण, प्रसारण और व्यावसायिक दुरुपयोग से संबंधित उल्लंघनों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दंडात्मक उपायों को शामिल करे।
प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत तथा न्यायाधीश जयमल्य बागची और वी मोहना की खंडपीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों और अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त किए गए हैं, जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटीवाई) को व्यापक दिशानिर्देश तैयार करने के लिए भेजा गया है।
सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मेइटीवाई इन सुझावों पर विचार करेगा और कुछ दिनों में जवाब देगा। उन्होंने दिवाली की छुट्टी के बाद याचिका को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति मांगी है।
उन्होंने पहले के आदेशों के उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया और न्यायालय से अपने प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए अपलोड की गई सामग्री को हटाने का निर्देश देने पर विचार करने का आग्रह किया है। न्यायालय ने इन चिंताओं पर गंभीरता से ध्यान दिया है।