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न्यायालय वीडियो के अनधिकृत प्रसारण पर दंड लगाने को कहा सुप्रीम कोर्ट ने

सुप्रीम कोर्ट ने मेइटी से अदालत की सुनवाई के वीडियो के अनधिकृत प्रसार के लिए नीति में दंड प्रावधान जोड़ने को कहा है। कोर्ट ने साथ ही दुरुपयोग और व्यावसायिक शोषण से बचाव के उपाय भी सुझाए हैं।

LSN India · 30 October 2026

न्यायालय वीडियो के अनधिकृत प्रसारण पर दंड लगाने को कहा सुप्रीम कोर्ट ने

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) को न्यायालय की कार्यवाही के वीडियो के अनधिकृत प्रसार के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान अपनी नीति में शामिल करने का निर्देश दिया है। यह कदम अदालत की कार्यवाहियों की गरिमा बनाए रखने और संवेदनशील न्यायिक सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

अदालत ने मेइटी को ऐसी नीति तैयार करने के लिए कहा है जिसमें न केवल दंड के प्रावधान हों बल्कि दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय भी शामिल हों। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अदालत की कार्यवाहियों से संबंधित वीडियो सामग्री केवल वैध और अधिकृत उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाए।

अदालत विशेष रूप से इस बात को लेकर चिंतित है कि न्यायिक प्रक्रियाओं के वीडियो का व्यावसायिक शोषण न किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से यह अपेक्षा की जाती है कि डिजिटल युग में न्यायालय की कार्यवाहियों की सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर एक मजबूत कानूनी ढांचा स्थापित होगा।

इस निर्णय से राष्ट्रीय न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और सूचना के अधिकार को संतुलित रखने का प्रयास किया जा रहा है। मेइटी को आने वाले समय में इन सुझावों के अनुसार अपनी नीति में संशोधन करना होगा।