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साइबर अपराध को 'डिजिटल डकैती' कहा, सुप्रीम कोर्ट ने केसों के समेकन से इंकार किया

सर्वोच्च न्यायालय ने संगठित साइबर अपराध गिरोहों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को 'डिजिटल गिरफ्तारी' के माध्यम से ठगे जाने की कड़ी निंदा की है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

LSN India · 28 October 2026

साइबर अपराध को 'डिजिटल डकैती' कहा, सुप्रीम कोर्ट ने केसों के समेकन से इंकार किया

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने साइबर अपराध को 'डिजिटल डकैती' की संज्ञा देते हुए इसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश में संगठित तरीके से किए जा रहे साइबर अपराध की घटनाएं चिंताजनक हैं और इन्हें नियंत्रित करना आवश्यक है।

न्यायालय ने विशेष रूप से उन साइबर अपराध रैकेटों पर ध्यान दिलाया जो वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाते हैं। ये गिरोह 'डिजिटल गिरफ्तारी' का नाटक करके लोगों को डराते हैं और धन की मांग करते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने इन अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की वकालत की है।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विभिन्न साइबर अपराध मामलों को एक साथ समेकित करने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत का मानना है कि प्रत्येक मामले की अपनी विशिष्टताएं हैं और उन्हें अलग-अलग तरीके से संभाला जाना चाहिए।

यह निर्णय साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में आया है, जहां अपराधी तकनीकी ज्ञान का दुरुपयोग करके आम नागरिकों को धोखाधड़ी और ठगी का शिकार बना रहे हैं। न्यायालय का स्पष्ट संदेश है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कानून की पूरी ताकत से कार्रवाई की जाएगी।