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शराब के टेट्रा पैक पर सुप्रीम कोर्ट सरकार से जवाब मांगे
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या फलों के रस जैसे दिखने वाले शराब के टेट्रा पैक नाबालिगों को भ्रमित कर रहे हैं। कोर्ट को चिंता है कि इससे अवयस्कों द्वारा शराब का सेवन बढ़ रहा है।
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देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका के आधार पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में दावा किया गया है कि शराब के निर्माता अपने उत्पाद को फलों के रस जैसे पैकेजिंग में बेच रहे हैं, जो नाबालिग बच्चों को गुमराह कर सकता है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि ऐसी पैकेजिंग से अवयस्कों में शराब का सेवन बढ़ रहा है और इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और केंद्र को विस्तृत जवाब देने के लिए कहा है।
शराब की बिक्री पर नियंत्रण के लिए भारत में कई कानून हैं। नाबालिगों को शराब बेचना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। ऐसे में पैकेजिंग के माध्यम से बच्चों को गुमराह करने का मुद्दा कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इस याचिका के बाद सरकार को अपनी नीति और नियामक मानदंडों की समीक्षा करनी होगी। कोर्ट के आदेश के अनुसार, सरकार को पैकेजिंग में पारदर्शिता और स्पष्ट चेतावनी लेबल के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।