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कर्नाटक चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के सीसीटीवी फुटेज नियमों पर सवाल उठाए
श्रृंगेरी की मतगणना का फुटेज लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई है। वर्तमान में निर्वाचन आयोग चुनाव से जुड़े अधिकांश सीसीटीवी रिकॉर्डिंग केवल 45 दिन के लिए रखता है और जनता के लिए ये सार्वजनिक नहीं होती हैं।
LSN India ·
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में मतगणना से संबंधित विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के सीसीटीवी फुटेज को लेकर चली कानूनी कार्रवाई में अदालत ने निर्वाचन आयोग की जवाबदेही के मुद्दे को उजागर किया है।
वर्तमान में निर्वाचन आयोग चुनावों से संबंधित सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को 45 दिनों के लिए सुरक्षित रखता है। इस अवधि के बाद इन्हें नष्ट कर दिया जाता है। आयोग के नियमों के अनुसार ये फुटेज आम जनता के लिए सार्वजनिक नहीं होते हैं और केवल अधिकृत व्यक्तियों ही इन्हें देख सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से उठाए गए सवालों से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सबूतों को अधिक समय तक सुरक्षित रखना आवश्यक है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्वाचन आयोग से इन नियमों को पुनर्विचार करने की अपेक्षा व्यक्त की है। विशेषकर चुनावों से जुड़े किसी भी विवाद की स्थिति में साक्ष्यों की उपलब्धता और पहुंच के मुद्दे पर।