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आयकर अधिनियम की धारा 147A को लेकर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश को स्थगित किया है जिसमें आयकर अधिनियम की धारा 147A को निरस्त किया गया था। विवाद करदाता के पुनः आकलन सूचनाएं जारी करने की प्रक्रिया को लेकर है।

LSN India · 18 September 2026

आयकर अधिनियम की धारा 147A को लेकर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण फैसले को स्थगित कर दिया है। इस फैसले में उच्च न्यायालय ने आयकर अधिनियम की धारा 147A को निरस्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम इस विवाद को लेकर लिया गया है कि करदाताओं को पुनः आकलन सूचनाएं कैसे जारी की जानी चाहिए।

इस मामले का केंद्रीय प्रश्न यह है कि क्या आयकर अधिकारी सीधे करदाताओं को पुनः आकलन सूचनाएं जारी कर सकते हैं अथवा इस प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से निर्विमुख मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से ही संपन्न किया जाना चाहिए। निर्विमुख मूल्यांकन प्रणाली को कर प्रशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए पेश किया गया था।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व आदेश में माना गया था कि क्षेत्रीय आकलन अधिकारियों द्वारा सीधे जारी की गई पुनः आकलन सूचनाएं अवैध थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस स्थगन आदेश के साथ, यह विवाद फिर से कानूनी जांच के दायरे में आ गया है।

आयकर विभाग के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह करदाता आकलन प्रक्रिया की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। इस मामले का अंतिम निर्णय देश भर में कर मूल्यांकन के तरीकों को लेकर भविष्य की कार्रवाइयों का आधार बन सकता है।