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न्यायिक सेवा के लिए वकालत की अवधि घटाकर एक साल की गई
सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए आवश्यक कानूनी व्यवहार की अवधि को घटाया है। नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से लागू होगी।
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सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायपालिका में प्रवेश के नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए कानूनी व्यवहार की अनिवार्य अवधि को घटा दिया है। इस नई व्यवस्था के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को न्यायिक सेवा में शामिल होने से पहले केवल एक वर्ष की कानूनी प्रैक्टिस की आवश्यकता होगी, जो पहले की तुलना में काफी कम है।
यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा। इस योजना के तहत, चयनित प्रत्याशियों को एक वर्ष की गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना होगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें एक वर्ष की संरचित क्लर्कशिप पूरी करनी होगी, जिससे वे न्यायिक कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकेंगे।
इस संशोधन का उद्देश्य न्यायालय में ताजा प्रतिभा को जल्दी लाना और न्यायपालिका को मजबूत करना है। नई व्यवस्था से न्यायाधीश बनने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, जिससे योग्य कानूनी पेशेवरों के लिए न्यायिक सेवा में प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे।
इस फैसले को न्यायपालिका के आधुनिकीकरण और कानूनी प्रणाली को अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण और क्लर्कशिप की अवधि सुनिश्चित करेगी कि उम्मीदवार न्यायिक जिम्मेदारियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार हों।