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NEET विरोध में पुलिस अत्याचार जांच के लिए समिति का दायरा तय करने को सुझाव मांगे सुप्रीम कोर्ट
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सभी याचिकाओं में नोटिस जारी करने के बाद वकीलों से शाम तक उच्च-स्तरीय समिति के कार्यक्षेत्र संबंधी सुझाव मांगे हैं। समिति को NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों की जांच करनी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस अत्याचारों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन संबंधी मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने इस संदर्भ में दायर सभी याचिकाओं में नोटिस जारी कर दिया है।
न्यायाधीश कांत ने न्यायालय में पेश वकीलों को आमंत्रित किया है कि वे उसी दिन शाम तक समिति के कार्यक्षेत्र और अधिकार क्षेत्र के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत करें। इस कदम का उद्देश्य समिति के कार्यक्षेत्र को स्पष्ट और व्यापक बनाना है ताकि जांच में पारदर्शिता और व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
NEET परीक्षा से संबंधित विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध किए गए कथित अत्याचारों की जांच की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट की यह पहल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है कि पुलिस की कार्रवाई में कोई अनुचित तरीका नहीं अपनाया गया हो और सार्वजनिक प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा की जाए। समिति के गठन और उसके कार्यक्षेत्र को लेकर आने वाले समय में अधिक विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।