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TMC के अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 20 विद्रोही सांसदों के अयोग्यता निर्णय में समयसीमा की मांग
तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सांसदों के विद्रोह के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। विद्रोही सांसदों ने त्रिपुरा स्थित राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी इंडिया में शामिल होने की घोषणा की थी।
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तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें पार्टी से अलग हुए 20 सांसदों की अयोग्यता संबंधी निर्णय पर समयसीमा निर्धारित करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर नोटिस जारी कर दिया है।
गत माह तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल में विद्रोह देखने को मिला जब पार्टी के 20 लोकसभा सदस्यों ने घोषणा की कि वे त्रिपुरा स्थित राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए हैं या अपने को विलय कर चुके हैं। इन सदस्यों ने संसद में अलग मान्यता देने की भी मांग की है।
यह विद्रोह तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल में गहरे मतभेद को दर्शाता है। विद्रोही सांसदों को संविधान के दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित किए जाने का मामला अभी लंबित है। अभिषेक बनर्जे की याचिका में इस प्रक्रिया में तेजी लाने और एक निर्दिष्ट समयसीमा में निर्णय लेने की अपील की गई है।
संसद के नियमों के अनुसार, सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित मामले संबंधित सदन के अध्यक्ष द्वारा निपटाए जाते हैं। इस विवाद ने तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक कमजोरियों को उजागर किया है और पूर्वी भारत की राजनीति में नई जटिलताएं पैदा की हैं।