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कुंभ के बजट का एक प्रतिशत से भी कम मिले तो स्कूल न बंद हों: SC जज
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ कुंभ के बजट का मात्र 0.1 फीसदी हिस्सा भी शिक्षा पर लगाया जाए तो हजारों सरकारी स्कूलों को बचाया जा सकता है।
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देश की शिक्षा व्यवस्था में आई गिरावट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस प्रसन्न बी. वराले ने गंभीर टिप्पणी की है। न्यायाधीश ने कहा कि मौजूदा समय में सरकारी स्कूल इतनी खराब स्थिति में हैं कि अनेक जिलों में शिक्षा संस्थानों को बंद करना पड़ रहा है।
न्यायाधीश ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बड़े धार्मिक आयोजनों के बजट का सूक्ष्म हिस्सा भी शिक्षा क्षेत्र में निवेश किया जाए तो शिक्षा का संकट हल हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से सिंहस्थ कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के लिए आवंटित धन की ओर इशारा किया।
न्यायाधीश की इस टिप्पणी को शिक्षा क्षेत्र में सरकार की कम निवेश नीति के खिलाफ एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को राष्ट्र विकास के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि इसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई है जब भारत के कई राज्यों में सरकारी स्कूलों के बंद होने की खबरें आ रही हैं। शिक्षकों की कमी और अपर्याप्त बजट आवंटन इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं। न्यायाधीश की ओर से यह चेतावनी सरकार को शिक्षा क्षेत्र में ध्यान देने का आह्वान है।